रात का समय था। शहर की रोशनी खिड़की से कमरे में फैल रही थी। नेहा अपने अपार्टमेंट की बालकनी में अकेली खड़ी थी, हाथ में कॉफी का कप और चेहरे पर हल्की मुस्कान। दिन भर की भागदौड़ के बाद यह उसका पसंदीदा समय था। ठंडी हवा उसके बालों को छू रही थी और दूर से आती संगीत की धुन माहौल को और भी खास बना रही थी। अचानक उसकी नज़र सामने वाली बिल्डिंग की छत पर गई, जहाँ कोई गिटार बजा रहा था। मधुर धुन सुनकर वह कुछ देर वहीं खड़ी रह गई। उसके चेहरे पर एक अलग ही चमक आ गई। उस रात नेहा को एहसास हुआ कि अकेलापन हमेशा उदासी नहीं होता। कभी-कभी यह खुद को समझने, अपने सपनों को सुनने और छोटी-छोटी खुशियों को महसूस करने का सबसे खूबसूरत मौका होता है। वह मुस्कुराई, आसमान की ओर देखा और मन ही मन सोचा—शायद उसकी ज़िंदगी की सबसे दिलचस्प कहानी अभी शुरू ही हुई है। Redirecting... Please Wait... You are being redirected.